माँ दुर्गा भवानी हर साल कभी शेर पर तो कभी हाथी, घोड़ा, गाय आदि पर सवार होकर 9 दिनों के अनेकों खुशियां लेकर आती हैं, और इस साल 2018 के आश्विनी माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को चित्रा नक्षत्र में नाव पर सवार होकर आ रही हैं । माँ की मूर्ति, घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त का समय भक्तों को इस बार बहुत ही कम मिल रहा हैं । 10 अक्टूबर 2018 को नवरात्र का आरंभ होगा, इस शुभ मुहूर्त ऐसे करें माता रानी की मूर्ति और कलश व घट की स्थापना ।
1- अगर कोई प्रतिपदा तिथि पहले ही दिन घट स्थापना करना चाहते है तो इस इसके लिए केवल 1 घंटा 2 मिनट का समय का शुभ मुहूर्त रहेगा ।
2- इस बार चित्रा नक्षत्र में शारदीय नवरात्र का आरंभ होने वाला हैं ।
3- पहले और दूसरे दिन का नवरात्र एक ही दिन रहेगा यानी की 10 अक्टूबर 2018 को है, इस कारण द्वतीया तिथि का क्षय माना गया है, अर्थात माता के शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की आराधना एक ही दिन होगी ।
4- इस नवरात्र में पंचमी तिथि भी 13 और 14 अक्टूबर 2018 को यानी का दोनों दिन पंचमी तिथि रहेगी । पंचमी तिथि के दिन स्कंदमाता की आराधना करने का दिन होता हैं ।
5- इस बार माँ दुर्गा भवानी अपने परम धाम से नाव पर सवार होकर आ रही हैं, एवं माता रानी नौ दिनों तक अपने बच्चों के साथ रहने के बाद गजराज हाथी पर सवार को विदा होगी ।
घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
- इस बार नवरात्रि घट-स्थापना के लिए बहुतही कम समय मिल रहा है, केवल एक घंटा दो मिनट के अंदर ही घट स्थापना करना पड़ेगा ।
- 10 अक्टूबर को प्रात: 6 बजकर 22 मिनट से 7 बजकर 25 मिनट तक ही शुभ मुहूर्त रहेगा ।
- नोट- मुहूर्त कन्या और तुला का संधिकाल होगा जो देवी पूजन एवं घट स्थापना के लिए सर्वोत्म समय होगा ।
- अगर कोई घट स्थापना ब्रह्म मुहूर्त- प्रात: 4 बजकर 39 मिनट से 7 बजकर 25 बजे तक का समय भी अतिश्रेष्ठ है, इसलिए इस समय भी स्थापना कर सकते हैं ।
- 10 अक्टूबर को सुबह 7 बजकर 26 मिनट से द्वितीया तिथि लग जायेगी ।
घट स्थापना के लिए एक और शुभ मुहूर्त ये भी हैं
- यदि किसी कारण से प्रतिपदा के दिन सुबह 6 बजकर 22 मिनट से 7 बजकर 25 मिनट तक घट स्थापना नहीं कर सके तो- इस अभिजीत मुहूर्त में भी 11 बजकर 36 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक तक घट स्थापना कर सकते हैं, लेकिन यह घट स्थापना द्वितीया तिथि में ही मानी जाएगी ।
ये भी जानना जरूरी हैं-
1- नवरात्र की पहली प्रतिपदा तिथि का आरंभ- 9 अक्टूबर 2018, दिन मंगलवार को सुबह 9 बजकर 16 मिनट से शुरू हो जायेगी, एवं प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2018, बुधवार को सुबह 7 बजकर 25 मिनट पर समाप्त हो जायेगी ।
2- अष्टमी तिथि, 17 अक्टूबर को हैं, इस दिन - माँ महागौरी की पूजा दुर्गा अष्टमी के रूप में होगी ।
3- नवमी तिथि, 18 अक्टूबर को हैं इस दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा महानवमी के रूप में होगी ।
4- दशमी तिथि, 19 अक्टूबर को हैं, इस दिन विजया दशमी दशहरा के रूप में मनाने के साथ ही शारदीय नवरात्र का समापन होगा, और माँ दुर्गा भवानी हाथी पर सवार होकर अपने धाम को चली जायेगी ।
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