शास्त्रानुसार मान्यता है कि माघ माह की पूर्णिमा तिथि को बहुत ही पवित्र तिथि माना जाता है, ज्योतिष के अनुसार कुल 27 नक्षत्र होते है उनमें से एक नक्षत्र जिसे मघा नक्षत्र कहा जाता है जिससे “माघ पूर्णिमा” की उत्पत्ति मानी जाती है । ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार माघ पूर्णिमा के दिन स्वयं भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं ।
इस दिन जो भी मनुष्य गंगा जी में स्नान करते या फिर अपने घर में गंगाजल मिले जल से इन चमत्कारी मंत्र का उच्चारण करते हुये स्नान करता है, उसे सबसे दुर्लभ चीज की प्राप्ति होती एवं श्री विष्णु मंत्र का जप करने के बाद उचित दान करते है उन्हें सांसारिक बंधनो से मुक्ति मिलने के बाद अनेक मनोकामनाएं भी पूरी हो जाती है । इस साल 2019 में माघ पूर्णिमा तिथि 19 फरवरी को हैं ।
पुण्य फल देने वाला यह स्नान पूरे माघ माह में चलता है । पूरे माघ मास में गंगा स्नान या गंगाजल स्नान से व्यक्ति को त्रिवेणी संगम में स्नान करने का लाभ मिलता हैं । माघ पूर्णिमा स्नान करने वाले व्यक्ति पर भगवान कृष्ण प्रसन्न होकर धन-धान्य, सुख-समृद्धि तथा संतान एवं मुक्ति प्रदान करते हैं ।
माघ पूर्णिमा के दिन सूर्योदय से पहले पवित्र गंगा जी, यमुना नदी या फिर नर्मदा नदी में इस मंत्र का उच्चारण करते हुए स्नान करने से मानव जीवन के लिए सबसे अधिक दुर्लभ चीज जिसकी प्राप्ति के लिए कुछ लोग अनेको जन्म खपा देते है फिर भी प्राप्त नहीं हो पाती लेकिन पूर्ण पवित्रता के साथ माघ पूर्णिमा के दिन अगर गंगा स्नान किया जाये तो इसी जन्म में मिल जाती हैं, औऱ उस चीज का नाम हैं- जन्म मत्यु के चक्र से हमेशा के लिए मुक्त मिलना । जो कोई भव बंधनों से मुक्ति चाहता है उन्हें माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान जरूर करना चाहिए ।
मंत्र
।। ॐ गंगे च यमुना गोदावरी नर्मदे सिंधु कावेरी अस्मिन जले सन्निधिं कुरु ।।
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