गुरु पूर्णिमा पर अवश्य पढ़ें श्री रामचरित मानस में वर्णित गुरु वंदना

मैं गुरु महाराज के चरण कमलों की रज की वंदना करता हूं, जो सुरुचि (सुंदर स्वाद), सुगंध तथा अनुराग रूपी रस से पूर्ण है। वह अमर मूल (संजीवनी जड़ी) का सुंदर चूर्ण है

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