
सावन का महीना ( Sawan Mass ) भगवान शिव को सबसे प्रिय है, कहा जाता है सावन के महीने में भोले बाबा की विशेष पूजा अर्चना करने से वे शीघ्र प्रसन्न होकर मनवांछित फल प्रदान करते हैं। वैसे तो शिवजी की पूजा उपासना पूरे साल भर नियमित शिव भक्त करते ही हैं, लेकिन सावन की पूजा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। सावन के माह में आप अपने घर में ही या शिव मंदिर में भगवान शंकर की पूजा आराधना करते हैं तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें।
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ऐसे करें सावन में शिवजी की पूजा
शास्त्रों में उल्लेख आता हैं कि भगवान शिव की कृपा पाने के लिए कुछ नियमों का पालन करते हुए पूजा आराधना की जाएं तो वे जल्द ही प्रसन्न होकर मनोकामना पूरी करते हैं। अगर सावन मास में कोई व्यक्ति अपने घर में ही भगवान शिव की पूजा करना चाहते हैं तो ध्यान रखें घर में बड़े नहीं छोटे शिवलिंग ही स्थापित करके पूजन करें। बड़े शिवलिंग केवल मंदिरों के लिए शुभ होते हैं। सावन महीने की पूजा में इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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मंदिर एवं अपने घर में शिव पूजा के नियम
1- सावन मास में किसी शिवालय में पूजा करने से पहले देख लें कि मंदिर परिसर में कहीं गंदगी तो नहीं है, अगर हो तो पहले साफ़-सफाई करें फिर ही पूजन का क्रम करें।
2- शिव जी के अभिषेक के लिए बाजार के पैकेट वाले दूध का प्रयोग भूलकर भी नहीं करें। केवल गाय के कच्चे दूध से ही शिवजी का अभिषेक करना शुभ फलदायी होता है।
3- सावन मास में शिवजी को बिल्व पत्र, चंदन एवं अष्टगंध का ही तिलक लगाना चाहिए।
4- सावन में अभिषेक के लिए शुद्ध गंगाजल या फिर शुद्धजल में गंगाजल मिलकार ही जलाभिषेक करना चाहिए।
5- बिना स्नान किए न तो मंदिर में प्रवेश करना चाहिए और न ही शिवलिंग को हाथ लगाना चाहिए।
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6- कभी भी शिवलिंग पर तुलसीदल, शंख का जल और हल्दी नहीं चढ़ाना चाहिए।
7- शिव जी को लाल कुमकुम का तिलक कभी भी नहीं लगाना चाहिए।
8- संभव हो तो सावन के महीने में किसी अति प्राचीन शिवलिंग की पूजा अवश्य करनी चाहिए। इसका लाभ सौ गुना अधिक मिलता है।
9- सावन मास में घर में स्थापित छोटे शिवलिंग का रोज जलाभिषेक करना चाहिए।
10- घर में स्थापित शिवलिंग को खुले स्थान में रखना चाहिए।
11- घर में स्थापित शिवलिंग के साथ मां पार्वती, गणेशजी, कार्तिकेय और नंदी बैल की प्रतिमा होनी चाहिए।
12- घर में किए गए अभिषेक के जल को घर के सदस्यों में प्रसाद रूप में बांट देना चाहिए।
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