
29 मार्च के पश्चात मीन राशि पर राहु, सूर्य, शुक्र, बुध के साथ शनि ग्रह भी विराजमान होंगे, ग्रहों की यह युति ज्योतिष मतानुसार अच्छी नहीं मानी जाती, देवगुरु की राशि में तीन प्रबल शत्रु ग्रहों युति करना देश दुनिया के लिए खतरे का संकेत हो सकता है। सूर्य, शनि व राहु की युति से प्रकृति से असामान्य घटनाएं होंगी, इस युति के प्रभाव से प्राकृतिक घटनाओं में वृद्धि होगी, आगजनी, भूकंप, प्राकृतिक आपदा तथा हिंसक घटनाओं की वजह से जन-धन की हानि की पूरी संभावना है।
शनि, राहु का एक जगह मीन राशि में युति करना युद्ध जैसी घटना को विश्व में जन्म दे सकता है। इस युति के प्रभाव से विश्व में महाशक्तियों में टकराव बढ़ेगा तथा वर्चस्व के लिए युद्ध जैसे हालात बनेंगे तथा विश्व एक अनजान खतरे की तरफ बढ़ेगा, जिससे भारी जन-धन की हानि हो सकती है। गुरु ग्रह को धन, अर्थव्यवस्था, समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। गुरु की राशि में पाप ग्रहों का युति करना अर्थव्यवस्था के लिए प्रतिकूल प्रभाव रखता है। पाप ग्रहों के योग से अर्थव्यवस्था को भी हानि हो सकती है तथा बाजार में मंदी का दौरा आ सकता है।ALSO READ: सूर्य का शनि की राशि मकर में गोचर, जानिए 12 राशियों का राशिफल
शेयर मार्केट में रुचि रखने वालों के लिए 29 मार्च 2025 के बाद का समय सतर्क रहने वाला होगा, क्योंकि शेयर मार्केट में गिरावट हो सकती है। राजनीतिक रूप से बात करें तो इस युति के प्रभाव से 29 मार्च के बाद का समय विश्व के कई देशों में राजनीतिक अस्थिरता को जन्म देगा तथा विश्व के कई देशों में गृह युद्ध के हालात बनेंगे। अतः मीन राशि पर इस युति का प्रभाव नकारात्मक ज्यादा रहेगा।
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