
खप्पर योग की 2 स्थितियां:
1. ज्योतिष शास्त्र में 'खप्पर योग' एक अत्यंत दुर्लभ और विनाशकारी योग माना जाता है। यह तब बनता है जब एक ही राशि में मंगल, शनि, सूर्य और राहु जैसे क्रूर या पापी ग्रह एक साथ आ जाते हैं, या फिर ग्रहों का ऐसा प्रतिकूल संयोग बने कि चारों दिशाओं से नकारात्मक प्रभाव पड़े।
2. जब एक ही माह में खास कर सावन के पहले पांच मंगलवार हों, या किसी भी माह में पांच रविवार, शनिवार और मंगलवार का संयोग बने तब खप्पर योग माना जाएगा।
वर्ष 2026 में कब रहेगा खप्पर योग:
मई जून: मई और जून के मध्य में रहेगा खप्पर योग।
पांच वार: इस दौरान ज्येष्ठ माह में पांच शुक्रवार, पांच शनिवार और पांच सोमवार रहेंगे।
दिनांक: 1 मई से 29 जून के बीच रहेगा खप्पर योग। इसमें पांच शनिवार का योग बन रहा है।
खप्पर योग से क्या होता है?
इसे आमतौर पर 'अशुभ योग', 'विस्फोटक योग', या 'संकट योग' के रूप में भी समझा जाता है, जो भीषण युद्ध, आगजनी, भीषण जनहानि, भूकंप, नरसंहार या तेल/गैस की कीमतों में तेजी जैसी स्थितियों को जन्म देता है। माता काली के हाथों में आपने खप्पर देखा ही होगा। इस खप्पर में खून भरकर माता इसे पीती है।
ज्योतिषियों के अनुसार 11 मई से लेकर दिसंबर का समय विचित्र हो सकता है, जिसमें होने वाली घटनाओं से दुनिया को हैरानी हो सकती है। इसमें प्राकृतिक आपदाओं, महामारी, युद्ध और दंगों के कारण देश को बड़ी आर्थिक और जनहानि का सामना करना पड़ सकता है। इस खप्पर योग ने देश ही नहीं दुनिया में भी तबाही मचा रखी है।
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