
Mohini Ekadashi Importance: मोहिनी एकादशी हिन्दू धर्म का एक पवित्र व्रत है, जिसे भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की पूजा और भक्ति के लिए मनाया जाता है। यह दिन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आध्यात्मिक लाभ और जीवन में समृद्धि लाने वाला भी माना जाता है।ALSO READ: मोहिनी एकादशी का व्रत रखने के 10 चमत्कारी फायदे
आज मोहिनी एकादशी का पावन दिन है। दरअसल, आज का दिन इतना शुभ और महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है, इसके पीछे कुछ बहुत ही ठोस और दिलचस्प कारण हैं। आज हम जानेंगे कि मोहिनी एकादशी क्यों खास है और इसे करना क्यों शुभ माना जाता है।
1. बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक
आज के दिन ही भगवान विष्णु ने अपनी माया से अमृत कलश को असुरों के चंगुल से बचाया था। इसे करने से भक्त को यह संदेश और शक्ति मिलती है कि अंततः जीत धर्म और सत्य की ही होती है।
2. मानसिक क्लेश और 'मोह' से मुक्ति
हम अक्सर पुरानी बातों, रिश्तों या नुकसान के 'मोह' में फंसकर दुखी रहते हैं। मोहिनी एकादशी का व्रत मानसिक क्लेश को साफ करने तथा मोह से मुक्ति के लिए जाना जाता है। आध्यात्मिक मान्यता है कि आज के दिन व्रत रखने से मन की चंचलता शांत होती है और व्यक्ति को मोह-माया के दुखों से मुक्ति मिलती है।
3. कठिन से कठिन पापों का नाश
शास्त्रों में वर्णन है कि जाने-अनजाने में हुए ऐसे पाप, जिनका बोझ मन पर रहता है, इस व्रत को करने से धुल जाते हैं। त्रेता युग में भगवान श्री राम ने भी सीता माता के वियोग के समय दुखों से मुक्ति पाने के लिए महर्षि वशिष्ठ के कहने पर यह व्रत किया था।
4. सुख-समृद्धि और आरोग्य
धार्मिक दृष्टि से एकादशी का व्रत शरीर को डिटॉक्स यानी शुद्ध करने का सबसे अच्छा तरीका है। इसे करने से न केवल पुण्य मिलता है, बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति आज श्रद्धा से पूजन करता है, उसके घर में दरिद्रता नहीं आती और सुख-शांति का वास होता है।ALSO READ: Mohini Ekadashi Katha 2026: मोहिनी एकादशी के रहस्य, जानें पौराणिक व्रत कथा और लाभ
5. वैकुंठ धाम की प्राप्ति
हिंदू धर्म में एकादशी को 'मोक्षदायिनी' कहा गया है। आज के दिन किया गया दान और उपवास व्यक्ति के लिए स्वर्ग के द्वार खोलता है और उसे जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने में सहायक होता है।
आज क्या करें?
दान: आज के दिन तरबूज, ठंडा पानी या सत्तू का दान करना बहुत शुभ है क्योंकि यह गर्मी का महीना (वैशाख) होता है।
तुलसी पूजन: शाम को तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जरूर जलाएं (लेकिन याद रखें, एकादशी पर तुलसी के पत्ते न तोड़ें और न ही उसमें जल दें)।
मंत्र: आज पूरा दिन मन ही मन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करते रहें।
मोहिनी एकादशी सिर्फ एक व्रत नहीं है, बल्कि यह धार्मिक, आध्यात्मिक और मानसिक उन्नति का अवसर है। इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
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