Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 4 मई 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

शुभ मुहूर्त की इस तस्वीर में मांडना पर रखे हुए जलते दीये तथा फूलों के साथ आम के पत्तों और नारियल से सजा कलश और फलों का चित्र

 

आज आपका दिन मंगलमय हो!

 

Today Shubh Muhurat 04 May 2026: क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 04 मई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।ALSO READ: ग्रहों का नक्षत्र गोचर काल क्या है? जानिए इसकी अवधि और प्रभाव

 

आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।

 

4 मई 2026, सोमवार का पंचांग और शुभ मुहूर्त नीचे दिया गया है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। सोमवार का दिन भगवान शिव की उपासना और मानसिक शांति के लिए विशेष माना जाता है।

 

4 मई 2026: आज का पंचांग

तिथि: तृतीया - सुबह 06:11 एएम तक, उसके बाद चतुर्थी।

 

मास: ज्येष्ठ (कृष्ण पक्ष)।

 

वार: सोमवार।

 

नक्षत्र: ज्येष्ठा - रात 11:51 पीएम तक, उसके बाद मूल।

 

योग: शिव - रात 08:52 पीएम तक, उसके बाद सिद्ध।

 

करण: गर - सुबह 06:11 एएम तक, फिर वणिज - शाम 05:08 पीएम तक, उसके बाद विष्टि (भद्रा)।

 

चंद्र राशि: वृश्चिक - रात 11:51 पीएम तक, उसके बाद धनु।

 

सूर्य राशि: मेष (उच्च राशि में)।

 

आज के शुभ और अशुभ समय

 

अभिजीत मुहूर्त (सबसे शुभ)-11:36 एएम से 12:29 पीएम

अमृत काल- 03:22 पीएम से 04:52 पीएम

ब्रह्म मुहूर्त-03:56 एएम से 04:44 एएम

राहुकाल (अशुभ समय)-07:23 एएम से 09:01 एएम

यमगण्ड- 10:39 एएम से 12:17 पीएम

गुलिक काल-01:54 पीएम से 03:32 पीएम

 

आज के मुख्य उत्सव और महत्व:

 

गण्डमूल नक्षत्र: आज रात 11:51 पीएम तक ज्येष्ठा नक्षत्र है और उसके बाद मूल नक्षत्र प्रारंभ होगा। ये दोनों ही गण्डमूल नक्षत्र हैं। इस समय जन्मे जातकों के लिए शांति पूजन का विचार करना चाहिए।

 

भद्रा का साया: शाम 05:08 पीएम से भद्रा प्रारंभ हो रही है, जो अगले दिन सुबह तक रहेगी। शुभ कार्यों की शुरुआत शाम होने से पहले या अभिजीत मुहूर्त में करना श्रेयस्कर है।

 

उच्च का सूर्य: मेष राशि का सूर्य आपके तेज और पराक्रम को बनाए रखेगा।

 

आज का विशेष उपाय:

आज सोमवार को शिवलिंग पर अक्षत (बिना टूटे चावल) अर्पित करें। चूंकि ज्येष्ठ मास चल रहा है, इसलिए किसी प्यासे को जल पिलाना या पक्षियों के लिए पानी रखना आपके सभी कष्टों को दूर करने में सहायक होगा।ALSO READ: खप्पर योग से बदलेगी किस्मत: इन 4 राशियों पर बरसेगी सफलता और धन की वर्षा



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