Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल: नवाबों के शहर से कैसे शुरू हुई बजरंगबली की ये खास परंपरा, पढ़ें गौरव गाथा

Attending the Hanuman temple on Bada Mangal festival averts troubles; pictured is Jai Bajrangbali and a view of his temple

the history of Bada Mangal: इस बार 2 जून 2026 को पांचवां बड़ा मंगल मनाया जा रहा है तथा 23 जून को आठवां बड़ा मंगल मनाने के साथ ही ज्येष्ठ महीने के अधिकमास के बड़ा मंगल पर्व का समापन होगा। इस बड़े मंगल का इतिहास, लखनऊ की गलियों में गूंजता जय श्री राम और भंडारे की कहानी बहुत अनूठी है। आइए यहां जानते हैं आखिर नवाबों ने क्यों बनवाया था यह हनुमान मंदिर?ALSO READ: Bada Mangal Dates: ज्येष्ठ माह में कब-कब रहेगा बड़ा मंगल, जानें संपूर्ण तिथियां

 

जब ज्येष्ठ की तपती गर्मी शुरू होती है, तो उत्तर प्रदेश, खासकर लखनऊ की रूह एक अलग ही रंग में रंग जाती है। इसे हम 'बड़ा मंगल' कहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक हिंदू त्योहार के पीछे नवाबी रियासत और आपसी भाईचारे की कितनी गहरी जड़ें हैं?

 

1. जब बेगम की मन्नत ने दूर की 'महामारी'

कहानी शुरू होती है अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर से। नवाब शुजाउद्दौला की बेगम, आलिया ने इस मंदिर का निर्माण कराया था। कहा जाता है कि जब शहर में महामारी फैली, तो बेगम ने बजरंगबली का सुमिरन कराया। ज्येष्ठ के मंगलवार को ही वह संकट टला और तभी से यह दिन 'बड़ा' हो गया। आज भी इस मंदिर के गुंबद पर बना 'चांद' हिंदू-मुस्लिम एकता की गवाही देता है।

 

2. नवाब के बेटे की सेहत और गुड़-पानी का प्याऊ

एक और दिलचस्प किस्सा नवाब मोहम्मद अली शाह से जुड़ा है। उनका बेटा जब मौत के मुंह से वापस आया, तो बेगम रूबिया ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। ज्येष्ठ की चिलचिलाती धूप में प्यासे राहगीरों के लिए नवाब ने जगह-जगह गुड़ और ठंडे पानी की व्यवस्था की। यही परंपरा आज आधुनिक 'भंडारे' का रूप ले चुकी है।

 

3. इत्र, केसर और जाटमल की मन्नत

व्यापार और भक्ति का भी यहां अनूठा मेल है। जाटमल नाम के एक व्यापारी का सारा इत्र और केसर जब नवाब वाजिद अली शाह ने खरीद लिया, तो उन्होंने अपनी मन्नत पूरी करते हुए ज्येष्ठ के पहले मंगल को हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की।

 

4. क्यों है यह मंगल इतना खास?

ज्योतिष शास्त्र और परंपराओं का मानना है कि ज्येष्ठ के महीने में हनुमान जी का दर्जा स्वयं प्रभु श्री राम से भी ऊंचा हो जाता है। इस दिन कुछ विशेष करने से बजरंगबली तुरंत प्रसन्न होते हैं:

 

दान का महत्व: इस दिन गुड़, गेहूं और मीठी पूड़ी का दान 'महादान' माना जाता है।

 

संकटों का समाधान: मान्यता है कि लखनऊ के इन ऐतिहासिक मंदिरों या किसी भी हनुमान मंदिर में हाजिरी लगाने से बड़े से बड़ा संकट टल जाता है।

 

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