
Gupt Navratri Festival 2026: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यह दिन दस महाविद्याओं की उपासना का अंतिम चरण होता है और इस दिन मां मातंगी की पूजा का विशेष विधान बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवमी के दिन श्रद्धा और विधि-विधान से देवी की आराधना करने से ज्ञान, वाणी, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही साधकों के लिए यह तिथि सिद्धि प्राप्ति और मनोकामना पूर्ति के लिए भी अत्यंत शुभ मानी जाती है।ALSO READ: वैवस्वत पूजा क्यों करते हैं क्या है इसका महत्व और कथा
यदि आप इस दिन को अपने जीवन में सुख, समृद्धि और सिद्धि लाने के लिए फलदायी बनाना चाहते हैं, तो नवमी के दिन ये 5 महत्वपूर्ण कार्य अवश्य करें:
1. मां मातंगी की विधि-विधान से पूजा करें
सुबह स्नान कर स्वच्छ या हरे/पीले वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर मां मातंगी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें और उन्हें चंदन, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप तथा नैवेद्य अर्पित करें। श्रद्धापूर्वक आरती करें और माता का ध्यान करें। मंत्र: ॐ ह्रीं ऐं भगवत्यै मातंग्यै नमः का कम से कम 108 बार जाप करें। इस दिन अन्न, वस्त्र, फल, हरी सब्जियां, पुस्तकें या अपनी क्षमता के अनुसार दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
2. कन्या पूजन और बटुक भैरव को भोजन
गुप्त नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। नवमी के दिन 9 कन्याओं और साथ में एक छोटे बालक को बटुक भैरव के रूप में घर बुलाकर पूजा करें। तथा कन्याओं के पैर धुलकर उन्हें हलवा, पूरी और काले चने का प्रसाद खिलाएं। अपनी सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा या उपहार देकर उनके चरण छूकर आशीर्वाद लें। इससे मां दुर्गा का साक्षात आशीर्वाद मिलता है और घर के सारे ग्रह-दोष शांत होते हैं।ALSO READ: आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की आठवीं देवी मां बगलामुखी, जानिए पूजा विधि
3. 'हवन' और 'कपूर-लौंग' की आहुति
नवमी के दिन किया गया हवन पूरे गुप्त नवरात्रि की साधना को पूर्णता प्रदान करता है। उपाय के तौर पर हवन सामग्री में थोड़ा सा गुग्गल, लोबान, अक्षत और कमलगट्टा मिलाएं। अंत में 108 बार कपूर और 2 साबुत लौंग के जोड़े से मां दुर्गा को आहुति दें। इस उपाय से घर की नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर तुरंत समाप्त होती है तथा परिवार में सकारात्मकता आती है। साथ ही यह उपाय खासतौर पर मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है।
4. मां लक्ष्मी को कमल का फूल और मखाने की खीर अर्पण
गुप्त नवरात्रि धन और समृद्धिदायक मानी जाती है। नवमी तिथि पर मां मातंगी के साथ-साथ धनलक्ष्मी को प्रसन्न करना बहुत शुभ होता है। इस दिन मां दुर्गा को 5 या 9 कमल के फूल या लाल गुलाब अर्पित करें और मखाने की खीर का भोग लगाएं। इससे आर्थिक तंगी दूर होती है, रुका हुआ धन वापस मिलता है और तिजोरी में बरकत आती है।
5. गुप्त पोटली और दान
चूंकि यह 'गुप्त' नवरात्रि है, इसलिए इस दिन गुप्त दान और गुप्त उपाय अत्यंत प्रभावशाली होते हैं।
उपाय के रूप में एक लाल कपड़े में थोड़ी सी हल्दी की गांठ, एक सिक्का, 5 लौंग और थोड़े से अक्षत बांधकर मां के चरणों में रखें। पूजा के बाद इस पोटली को अपनी तिजोरी या धन स्थान पर रख दें। इसके अलावा किसी जरूरतमंद को लाल वस्त्र, अनाज या फलाहार का दान बिना किसी को बताए गुप्त रूप से करें। इस उपाय से हर मनोकामना पूर्ति की लाभ मिलता है तथा घर में गुप्त शत्रुओं और गुप्त बाधाओं का नाश होता है व धन-धान्य के भंडार भरे रहते हैं।
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