Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 13 जुलाई 2026: सोमवार का पंचांग और शुभ समय

A vase decorated with flowers and leaves, with a coconut placed on top, along with a scene depicting the auspicious moment in the caption

आज आपका दिन मंगलमय हो!

 

13 July 2026 Today Shubh Muhurat:  क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 13 जुलाई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।ALSO READ: मोक्ष का रहस्य क्या है? श्रीराम ने हनुमानजी को बताया मांडूक्य उपनिषद का सार

 

आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।

 

13 जुलाई 2026, सोमवार का दैनिक पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय नीचे दिया गया है। इस दिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह समाप्त होकर अमावस्या तिथि में बदल रही है, और चूंकि यह सोमवार है, इसलिए भगवान शिव की पूजा के लिए यह विशेष रूप से शुभ दिन है।

 

मुख्य पंचांग

दिनांक: 13 जुलाई 2026

 

वार: सोमवार

 

मास: आषाढ़, कृष्ण पक्ष

 

तिथि: चतुर्दशी (सुबह 06:20 तक, इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू)

 

नक्षत्र: आर्द्रा (अगले दिन तड़के 02:51 तक, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र)

 

योग: ध्रुव (शाम 04:00 तक, इसके बाद व्याघात योग)

 

करण: विष्टि/भद्रा (सुबह 08:40 तक, इसके बाद शकुनि करण)

 

आज के विशेष योग और महत्व (Significance)

सोमवार और आर्द्रा नक्षत्र का संयोग: आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी स्वयं भगवान शिव (रुद्र) हैं। सोमवार के दिन आर्द्रा नक्षत्र का होना शिव आराधना, जलाभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र के जाप के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है।

 

भद्रा निवृत्ति: सुबह 08:40 के बाद भद्रा समाप्त हो जाएगी, जिसके बाद सभी सामान्य कार्य किए जा सकते हैं।

 

शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

यदि आप इस दिन कोई नया संकल्प, पूजा-पाठ या जरूरी काम करना चाहते हैं, तो शुभ समय निम्नलिखित हैं:

 

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:33 से 12:21 तक (दिन का सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त)।

 

अमृत काल: सुबह 06:05 से 07:35 तक।

 

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:02 से 04:45 तक।

 

अशुभ समय और राहुकाल (Inauspicious Timings)

इन समय अवधियों में शुभ या मांगलिक कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए:

 

राहुकाल: सुबह 07:15 से 08:58 तक (स्थान के अनुसार मामूली अंतर संभव है)।

 

गुलिक काल: दोपहर 01:12 से 02:55 तक।

 

दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि जाना आवश्यक हो, तो आईना देखकर या दूध/दही का सेवन करके निकलें।ALSO READ: Gupt Navratri 2026: आषाढ़ माह की गुप्त नवरात्रि में इन 10 महाविद्याओं की करें पूजा, जानिए 10 मंत्र



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