
आज आपका दिन मंगलमय हो!
06 July 2026 Today Shubh Muhurat : क्या आप आज कोई नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं? या कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं? ज्योतिष और पंचांग के अनुसार, किसी भी शुभ कार्य को सही मुहूर्त में करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है। 'वेबदुनिया' आपके लिए लेकर आया है 06 जुलाई, 2026 का विशेष पंचांग और शुभ-अशुभ मुहूर्त।ALSO READ: सूर्य का पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें 5 आसान उपाय
आइए जानें आज का दिन आपके लिए क्या लेकर आया है।
6 जुलाई 2026, सोमवार का पंचांग, मुख्य जयंती और शुभ-अशुभ मुहूर्त नीचे दिए गए हैं। इस दिन आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है और पंचक का प्रभाव भी बना रहेगा।
आज का मुख्य पंचांग (6 जुलाई 2026)
दिन/वार: सोमवार
मास: आषाढ़
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: षष्ठी तिथि दोपहर 01:25 तक, इसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।
नक्षत्र: पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र दोपहर 03:34 तक, उसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र।
योग: सौभाग्य योग शाम 03:13 तक, इसके बाद शोभन योग।
करण: वणिज दोपहर 01:25 तक, उसके बाद विष्टि (भद्रा) करण जो रात 01:45 (7 जुलाई) तक रहेगा।
चंद्र राशि: कुंभ राशि में सुबह 09:34 तक, इसके बाद मीन राशि (Pisces) में प्रवेश।
सूर्य राशि: मिथुन (Gemini)
आज का विशेष
पंचक जारी: आज पूरे दिन पंचक का प्रभाव रहेगा (चंद्रमा के मीन राशि में जाने के बाद भी पंचक जारी रहता है)। सोमवार को पड़ने वाले पंचक को 'राज पंचक' कहा जाता है। इसमें व्यापारिक और सरकारी कार्यों में सफलता मिलती है, लेकिन पारंपरिक वर्जित कार्य (जैसे छत ढालना, लकड़ी इकट्ठा करना) नहीं करने चाहिए।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: सुबह 05:29
सूर्यास्त: शाम 07:23
आज के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम होता है। आज के शुभ समय इस प्रकार हैं:
अभिजीत मुहूर्त (शुभ): दोपहर 11:58 से 12:54 तक। (नए काम की शुरुआत के लिए उत्तम)
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:31 से 03:26 तक।
अमृत काल: सुबह 05:15 से 06:58 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:11 से 07:32 तक।
आज के अशुभ समय (इनसे बचें)
ज्योतिष के अनुसार राहुकाल के दौरान किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए:
राहुकाल (सबसे अशुभ समय): सुबह 07:13 से 08:58 तक।
यमगण्ड काल: सुबह 10:42 से दोपहर 12:26 तक।
भद्रा (अशुभ करण): दोपहर 01:25 से रात 01:45 तक भद्रा रहेगी। भद्रा में भी शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
दिशाशूल: सोमवार को पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो दर्पण (शीशा) देखकर या घर से मिश्री/दही खाकर निकलें।ALSO READ: Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि हो रही है शुरू, 5 गुप्त कार्य करने से होगी मनोकामना पूर्ण
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