
मेष राशि
गुरु का यह गोचर आपके चौथे भाव को प्रभावित करेगा। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बढ़ेगी और भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बनेंगे। माता के स्वास्थ्य में सुधार होगा। हालांकि, अश्लेषा नक्षत्र में गुरु के होने से आपको अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहना होगा और किसी भी बड़े निवेश से पहले पूरी सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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वृषभ राशि
तीसरे भाव में गुरु का गोचर आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि करेगा। छोटे भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा। जो लोग लेखन, मीडिया या कम्युनिकेशन के क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें नए और बेहतरीन अवसर मिलेंगे। छोटी दूरी की यात्राएं फलदायी सिद्ध होंगी। कार्यक्षेत्र में आपकी बातचीत का तरीका लोगों को प्रभावित करेगा।
मिथुन राशि
दूसरे भाव में गुरु का गोचर आपकी वाणी में मधुरता लाएगा, जिससे आपके कई रुके हुए काम बन जाएंगे। धन बचत करने में आप सफल रहेंगे और पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक माहौल खुशहाल रहेगा। हालांकि, खान-पान पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है ताकि पेट से जुड़ी कोई समस्या न हो।
कर्क राशि
गुरु आपकी ही राशि यानी प्रथम भाव (लग्न) में गोचर कर रहे हैं। यह समय आपके आत्म-विकास, ज्ञान और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि का है। समाज में आपका मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। यदि आप शिक्षा या परामर्श के क्षेत्र में हैं, तो यह चरण आपको बड़ी सफलता दिला सकता है।
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सिंह राशि
बारहवें भाव में गुरु का गोचर विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों के लिए बेहद शुभ फलदायी है। जो लोग उच्च शिक्षा या व्यापार के सिलसिले में बाहर जाना चाहते हैं, उनका सपना पूरा हो सकता है। हालांकि, इस दौरान आपके खर्चों में वृद्धि हो सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में आपका मन अधिक लगेगा।
कन्या राशि
ग्यारहवें भाव में गुरु का यह गोचर आपके लिए अत्यंत शुभ और लाभ देने वाला साबित होगा। आय के नए स्रोत बनेंगे और आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी। आपकी पुरानी इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। वरिष्ठ अधिकारियों और बड़े भाइयों का पूरा सहयोग मिलेगा। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और नए लाभदायक संपर्क बनेंगे।
तुला राशि
दसवें भाव में गुरु का गोचर आपके करियर और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगा। नौकरी में पदोन्नति (प्रमोशन) या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन रहे हैं। बिजनेस करने वाले जातकों को नए सौदे मिल सकते हैं। पिता और अधिकारियों के साथ आपके संबंध और बेहतर होंगे, जिससे आपको दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
वृश्चिक राशि
नौवें भाव यानी भाग्य भाव में गुरु का गोचर आपके भाग्य को मजबूती देगा। अटके हुए काम गति पकड़ेंगे। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल रहेगा। गुरु और गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। आपकी निर्णय लेने की क्षमता से आपको आर्थिक और मानसिक मजबूती मिलेगी।
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धनु राशि
आठवें भाव में गुरु के गोचर से आपको स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। हालांकि, शोध (रिसर्च), ज्योतिष या गूढ़ विद्याओं से जुड़े लोगों के लिए यह समय बहुत अच्छा रहेगा। अचानक धन लाभ या वसीयत से फायदा हो सकता है। कोई भी नया काम शुरू करने से पहले सतर्क रहें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें।
मकर राशि
सातवें भाव में गुरु का गोचर आपके वैवाहिक जीवन में मधुरता लाएगा। यदि विवाह में कोई रुकावट आ रही थी, तो वह दूर हो सकती है। व्यापारिक साझेदारी के लिए यह बहुत ही अनुकूल समय है। नए व्यावसायिक संबंध बनेंगे जो भविष्य में अच्छा मुनाफा देंगे। जनता के बीच आपकी साख में सुधार होगा।
कुंभ राशि
छठे भाव में गुरु का गोचर आपको शत्रुओं पर विजय दिलाएगा और यदि कोई कोर्ट-कचहरी का मामला चल रहा है, तो फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिल सकती है। हालांकि, सेहत के मामले में लापरवाही से बचें और अपने कर्ज/ऋण को नियंत्रित रखने का प्रयास करें।
मीन राशि
पांचवें भाव में गुरु का गोचर विद्यार्थियों, प्रेम संबंधों और संतान पक्ष के लिए बेहद शुभ रहेगा। पढ़ाई में मन लगेगा और उच्च शिक्षा के अच्छे अवसर मिलेंगे। रचनात्मक (क्रिएटिव) कार्यों से जुड़े लोगों को पहचान और सफलता मिलेगी। अचानक धन लाभ के अवसर मिलेंगे और शेयर बाजार या बौद्धिक निवेश से फायदा हो सकता है।
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