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प्रभाव:
बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना गया है, जबकि शनि को अनुशासन, ठहराव, देरी, न्याय और गंभीरता का कारक माना गया है। जब ये दोनों 180° पर आमने-सामने आते हैं, तो
संतुलन बनता है। बुध की चंचलता और जल्दबाजी को शनि की गंभीरता नियंत्रित करती है। व्यक्ति सोच-समझकर, व्यावहारिक और दूरदर्शी फैसले लेता है। शोध और तकनीकी कामों के लिए यह स्थिति बहुत अच्छी मानी जाती है।
शनि का धीमापन बुध की तेज सोच को रोक सकता है, जिससे मन में निराशा, अधिक चिंता या निर्णयों में देरी हो सकती है। बातचीत में कड़वाहट या गलतफहमी की संभावना बढ़ जाती है। संक्षेप में, इसका अर्थ है कि बुद्धि (बुध) और अनुशासन (शनि) का आमने-सामने टकराव या संतुलन होना, जो व्यक्ति को जल्दबाजी छोड़कर परिपक्वता से काम लेने का संकेत देता है।
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वृषभ राशि (Taurus):
बुद्धिमत्ता और व्यापारिक सूझबूझ में वृद्धि होगी। लंबे समय से अटके हुए कार्य शनि के अनुशासन और बुध की चतुराई से पूरे होंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मिथुन राशि (Gemini):
संचार कौशल (Communication) और नेटवर्किंग बहुत मजबूत होगी। विदेश यात्रा या विदेशी कंपनियों से जुड़े व्यापार में लाभ मिलने की संभावना रहेगी। मानसिक स्पष्टता आएगी और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होगी।
कन्या राशि (Virgo):
बुध आपकी राशि का स्वामी है, जिससे आपका विश्लेषणात्मक कौशल और सोचने-समझने की क्षमता बढ़ेगी।
नौकरी और करियर में पदोन्नति या नए अवसर मिलने के योग बनेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं और शोध (Research) से जुड़े लोगों को शानदार सफलता मिलेगी।
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मकर राशि (Capricorn):
शनि आपकी राशि का स्वामी है, जिससे बुध-शनि का यह समसप्तक योग आपके लिए अत्यंत भाग्यशाली रहेगा।
संपत्ति, शेयर बाजार या नए निवेश से अच्छा धन लाभ हो सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
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