
जब गुरु कर्क राशि (जल तत्व) में हों और शनि मीन राशि (जल तत्व) में हों, तो वे एक-दूसरे से ठीक 120 डिग्री (नवपंचम कोण) पर स्थित होते हैं। चूंकि कर्क, वृश्चिक और मीन तीनों जल तत्व (Water Signs) की राशियां हैं, इसलिए यह नवपंचम योग मुख्य रूप से जल तत्व की राशियों को पूर्ण फल देता है। इसके साथ ही, मित्र तत्वों की राशियों को भी इसका बहुत बड़ा लाभ मिलता है। इस विशेष स्थिति से जिन राशियों को सबसे अधिक और सीधा लाभ मिलेगा, उनका विस्तार से विवरण:-
1. कर्क राशि (Cancer)— आत्मबल और पद-प्रतिष्ठा
स्थिति: गुरु आपकी अपनी राशि (प्रथम भाव) में उच्च के होकर बैठे हैं और शनि भाग्य स्थान (9वें भाव) से 120° का कोण बना रहे हैं।
मुख्य लाभ:
करियर व सम्मान: समाज में आपका मान-सम्मान, पद और प्रतिष्ठा तेजी से बढ़ेगी। कार्यक्षेत्र में बड़ी जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है।
भाग्य का साथ: शनि का 9वें घर से संबंध आपके सोचे हुए कामों को अटकाने के बजाय पूरा कराएगा।
सही निर्णय: गुरु आपकी सोच को सकारात्मक बनाएंगे और शनि आपको व्यावहारिक समझ देंगे, जिससे आपके सारे निर्णय सटीक साबित होंगे।
ALSO READ: शनि का बुध के रेवती नक्षत्र में गोचर, इन 3 राशियों के लिए बनेंगे लाभ और तरक्की के अवसर
2. वृश्चिक राशि (Scorpio)— धन, संतान और उन्नति
स्थिति: इस योग में गुरु आपके 9वें (भाग्य) भाव में होंगे और शनि आपके 5वें (बुद्धि/संतान) भाव में होंगे। दोनों की शुभ दृष्टि आपकी राशि पर बनी रहेगी।
मुख्य लाभ:
अचानक धन लाभ: शेयर बाजार, पुराने निवेश या पैतृक संपत्ति से अचानक बड़ा धन लाभ हो सकता है।
शिक्षा व संतान: विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और विदेश जाकर पढ़ने के सबसे उत्तम योग बनेंगे। संतान की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है।
व्यापार विस्तार: नया काम शुरू करने या बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए यह समय वरदान साबित होगा।
3. मीन राशि (Pisces)— संपत्ति और मानसिक शांति
स्थिति: शनि आपकी अपनी राशि (प्रथम भाव) में हैं और गुरु आपके 5वें भाव में बैठकर शनि से 120° का नवपंचम योग बना रहे हैं।
मुख्य लाभ:
शनि के ढैय्या/साढ़ेसाती के कष्ट में राहत: गुरु की अमृत दृष्टि और नवपंचम योग के कारण शनि का नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाएगा और शनि केवल शुभ फल देने लगेंगे।
अचल संपत्ति का लाभ: नया घर, जमीन, या प्रॉपर्टी खरीदने के बहुत मजबूत योग बनेंगे।
मानसिक तनाव से मुक्ति: लंबे समय से चली आ रही मानसिक उलझनों और अनिद्रा जैसी समस्याओं का अंत होगा।
अन्य दो राशियां जिन्हें अप्रत्यक्ष (सकारात्मक) लाभ मिलेगा
4. वृषभ राशि (Taurus): गुरु आपके 3रे भाव में और शनि 11वें (लाभ) भाव में होंगे। आपकी मेहनत का कई गुना लाभ मिलेगा और आय के नए स्रोत खुलेंगे।
5. कन्या राशि (Virgo): गुरु आपके 11वें (लाभ) भाव में और शनि 7वें (व्यापार/साझेदारी) भाव में होंगे। बिजनेस पार्टनरशिप में भारी मुनाफा होगा और वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी।
इस योग का पूरा लाभ उठाने के लिए क्या करें?
धार्मिक कार्य: गुरु की शुभता बढ़ाने के लिए गुरुवार को चने की दाल या हल्दी का दान करें।
अनुशासन: शनि अनुशासन प्रिय हैं, इसलिए किसी भी काम में लापरवाही या शॉर्टकट अपनाने से बचें।
from ज्योतिष https://ift.tt/ExBfdcy
EmoticonEmoticon