जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए इस काम को दिनचर्या में करे शामिल, पीछे पीछे दौड़ेगी कामयाबी

ऋषियों ने वेदों का महत्व बताते हुए कहा हैं कि अगर व्यक्ति वेद में बताये गये कुछ विशेष मंत्रों को नवरात्रि काल से दैनिक दिनचर्या में केवल एक बार उच्चारण करने लगे तो उसके अनेक कठिन से कठिन कार्य भी आसानी से पूरे हो जाते हैं । जानकार कहते है अगर जो कोई भी वेद के इन मंत्रों को सुबह सोकर उठने से लेकर रात को सोने से पहले कुछ पल के लिए आंख बंद करके इनका उच्चारण केवल बार ही करता हैं उसके जीवन में कभी भी कोई समस्या आ ही नहीं सकती । जाने उन मंत्रों के बारे में जिसका दिन में मात्र एक बार उच्चारण से कामयामी पीछे पीछे दौड़ने लगती है ।

 

1- वेद के इस मंत्र को सुबह उठकर बिस्तर पर बैठे बैठे ही अपनी दोनों हथेलियां देखकर उच्चारण करने से जीवन का दुर्भाग्य खत्म हो जाता है ।
वेद मंत्र
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वति ।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम् ।।

 

2- सुबह सोकर उठते ही इस वेद मंत्र का एक बार उच्चारण करते हुये धरती पर पैर रखने से आत्मबल और मनोबल प्राप्त होती हैं ।
वेद मंत्र
समुद्रवसने देवि पर्वतस्तनमण्डले ।
विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यं पादस्पर्शं क्षमस्वमे ॥

 

3- सुबह अपने दांतों को साफ (मंजन) से पहले इस मंत्र का एक बार उच्चारण किया जाए तो उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है ।
वेद मंत्र
आयुर्बलं यशो वर्च: प्रजा: पशुवसूनि च ।
ब्रह्म प्रज्ञां च मेधां च त्वं नो देहि वनस्पते ।।

 

4-अगर प्रतिदिन इस वेद मंत्र का उच्चारण करते हुए स्नान किया जाए तो अनेक पवित्र तीर्थों में स्नान का लाभ मिलने के साथ कई पापों का नाश भी हो जाता हैं ।
वेद मंत्र
स्नान मन्त्र गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती ।
नर्मदे सिन्धु कावेरी जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरु ॥

 

5- हर रोज स्नान करने के बाद भगवान सूर्य को इस मंत्र का उच्चारण करते हुए अर्ध्य दिया जाए तो जीवन का सभी अंधकार दूर हो जाता हैं
वेद मंत्र
ॐ भास्कराय विद्महे, महातेजाय धीमहि, तन्नो सूर्य:प्रचोदयात ।

 

6- प्रतिदिन इस वेद मंत्र का 3 बार उच्चाण करने के बाद भोजन करने से किसी भी तरह के रोग नहीं होते ।
वेद मंत्र
ॐ सह नाववतु, सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यं करवावहै ।
तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ॥
ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
अन्नपूर्णे सदापूर्णे शंकर प्राण वल्लभे।
ज्ञान वैराग्य सिद्धयर्थ भिखां देहि च पार्वति।।
ब्रह्मार्पणं ब्रह्महविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणा हुतम् ।
ब्रह्मैव तेन गन्तव्यं ब्रह्मकर्म समाधिना ।।

 

7- भोजन करने के बाद इस वेद मंत्र का उच्चारण करने से देवता प्रसन्न होकर धनधान्य का वरदान देते हैं ।
वेद मंत्र
अगस्त्यम कुम्भकर्णम च शनिं च बडवानलनम ।
भोजनं परिपाकारथ स्मरेत भीमं च पंचमं ।।
अन्नाद् भवन्ति भूतानि पर्जन्यादन्नसंभवः।
यज्ञाद भवति पर्जन्यो यज्ञः कर्म समुद् भवः।।

 

8- अगर कोई विद्यार्थी पढाई शुरू करने से पहले इस वेद मंत्र का 1 या 3 बार उच्चारण करने से सफलता मिलकर ही रहती हैं ।
वेद मंत्र
ॐ श्री सरस्वती शुक्लवर्णां सस्मितां सुमनोहराम् ।।
कोटिचंद्रप्रभामुष्टपुष्टश्रीयुक्तविग्रहाम् ।

 

9- शाम के समय पूजा में इस वेद मंत्र का 1 माला जप करने से जीवन की सभी बाधाएं समाप्त हो जाती है ।
वेद मंत्र
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात् ।


10- रात को सोने से पहले इस वेद मंत्र का उच्चारण करने से रात में किसी भी प्रकार के बूरे सपने नहीं आते है, और नींद नहीं आने वाली बीमारी भी ठीक हो जाती हैं ।

 

अच्युतं केशवं विष्णुं हरिं सोमं जनार्दनम् ।
हसं नारायणं कृष्णं जपते दु:स्वप्रशान्तये ।।


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