रौद्र संवत्सर में इस बार हिंदू वर्ष होगा 13 माह का, 5 राशियों के लिए बनेगा अपराजेय योग

गुड़ी पड़वा के साथ मंगल कलश और कैप्शन में- हिंदू नववर्ष 2083 में 5 राशियां रहेंगी अपराजेय

हिन्दू पंचांग के अनुसार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए संवत्सर की शुरुआत होती है। इस वर्ष 'रौद्र' नामक संवत्सर प्रारंभ हो रहा है। 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहे इस संवत्सर में 12 नहीं इस बार 13 माह रहेंगे। इस अतिरिक्त महीने को 'अधिक मास', 'पुरुषोत्तम मास' या लोकभाषा में 'मलमास' कहा जाता है। इसी दौरान शनि और मंगल की युति रहेगी। रौद्र संवत्सर और शनि मंगल की युति को शुभ नहीं माना जा सकता। दूसरी ओर हिंदू नववर्ष के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल रहेंगे। यह वर्ष 13 महीनों का होगा, जिसमें ज्येष्ठ मास दो बार आएगा।

 

5 राशियां रहेंगी हिंदू नववर्ष में अपराजेय

ज्योतिषीय दृष्टिकोण से, जब राजा गुरु और मंत्री मंगल होते हैं, तो यह 'सत्ता और साहस' का मेल होता है। इस उथल-पुथल भरे वर्ष में उन राशियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा जो गुरु की सौम्यता और मंगल के साहस का संतुलन बना पाएंगी। यहाँ उन राशियों का विवरण है जिन्हें इस 13 महीने के वर्ष में विशेष लाभ या अपराजेय स्थिति प्राप्त हो सकती है।

 

1. मेष राशि (Aries)

मंगल स्वामी: चूंकि इस वर्ष के मंत्री मंगल हैं, जो मेष राशि के स्वामी भी हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह वर्ष अत्यंत ऊर्जावान रहेगा।

फायदा: राजा गुरु की कृपा से आपको करियर में बड़े पद की प्राप्ति हो सकती है।

अपराजेय पक्ष: मंगल आपको विरोधियों पर विजय दिलाएगा। साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी।

 

2. सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि वालों के लिए यह समय नाम, मान और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने वाला है।

करियर: सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।

धन: आय के नए स्रोत बनेंगे, मान-सम्मान के साथ धन लाभ होगा।

सामाजिक जीवन: प्रभाव बढ़ेगा, लोग आपकी बातों को महत्व देंगे।

यह वर्ष आपको लीडर की भूमिका में स्थापित करेगा।

गुरु और सूर्य ग्रह के साथ कैप्शन में अपराजेय योग Rashifal

3. धनु राशि (Sagittarius)

गुरु स्वामी: धनु राशि के स्वामी स्वयं राजा 'गुरु' (बृहस्पति) हैं।

फायदा: धार्मिक जागरण और शिक्षा के क्षेत्र में जो परिवर्तन आलेख में बताए गए हैं, उनका सीधा लाभ आपको मिलेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।

अपराजेय पक्ष: गुरु की स्थिति आपको मानसिक रूप से शांत रखेगी, जिससे आप शनि-मंगल की उथल-पुथल के बीच भी सही निर्णय ले पाएंगे।

 

4. वृश्चिक राशि (Scorpio)

मंगल स्वामी: इस राशि के स्वामी भी मंगल हैं, जो इस वर्ष के मंत्रिमंडल में शक्तिशाली भूमिका (मंत्री) में हैं।

फायदा: भूमि, भवन और संपत्ति के मामलों में बड़ा लाभ होने के योग हैं। संघर्ष के बावजूद अंत में जीत आपकी होगी।

अपराजेय पक्ष: आपकी इच्छाशक्ति इतनी प्रबल होगी कि कोई भी बड़ी बाधा आपको रोक नहीं पाएगी।

 

5. मीन राशि (Pisces)

गुरु स्वामी: मीन राशि के स्वामी गुरु हैं, जो इस संवत्सर के राजा हैं।

फायदा: न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयास सफल होंगे।

अर्थ: आर्थिक रूप से यह 13 महीने का साल आपके लिए संचय का वर्ष साबित हो सकता है।

 

किस राशि को क्या मिलेगा हिंदू नववर्ष 2083 में?

सर्वाधिक धन लाभ: मेष और धनु पर राजा गुरु की विशेष कृपा होगी।

शत्रु विजय (अपराजेय): वृश्चिक और मकर को मंत्री मंगल का साहस और शनि का अनुशासन मिलेगा।

करियर में उथल-पुथल से बचाव: सिंह और मीन को प्रशासनिक क्षमता और बुद्धिमत्ता मिलेगी।

 

विशेष नोट: ज्येष्ठ मास दो बार आने से गर्मी और उग्रता (मंगल का प्रभाव) बढ़ सकती है। वृषभ, मिथुन और कुंभ राशि वालों को शनि-मंगल की युति के कारण संभलकर चलने की सलाह दी जाती है।



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