
त्रिपुष्कर योग का महत्व
ज्योतिष शास्त्र में त्रिपुष्कर योग को बहुत ही शुभ और शक्तिशाली माना जाता है। "त्रिपुष्कर" का अर्थ है- तीन गुना फल देने वाला।
लाभ: इस दौरान शुरू किए गए कार्य, खरीदी गई संपत्ति या निवेश का फल तीन गुना होकर वापस मिलता है। यदि आप कोई नया व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं या सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं, तो यह समय अति उत्तम है।
सावधानी: इस योग में कर्ज लेने या किसी से विवाद करने से बचना चाहिए, क्योंकि मान्यता है कि इस समय किया गया "बुरा कार्य" भी जीवन में तीन बार दोहराया जा सकता है।
आज के अन्य शुभ मुहूर्त
यदि आप त्रिपुष्कर योग के दौरान कोई बड़ा काम नहीं कर पा रहे हैं, तो आज का अभिजीत मुहूर्त (जो सबसे शुभ माना जाता है) दोपहर 11:53 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा।
क्या होता है त्रिपुष्कर योग?
जब रविवार, मंगलवार व शनिवार के दिन द्वितीया, सप्तमी व द्वादशी में से कोई तिथि हो एवं इन 2 योगों के साथ उस दिन विशाखा, उत्तराफाल्गुनी, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, पूर्वाभाद्रपद, पुनर्वसु व कृत्तिका नक्षत्र हो, तब 'त्रिपुष्कर योग' बनता है।
'द्विपुष्कर की योग की भांति ही 'त्रिपुष्कर योग' में भी जिस कार्य को किया जाता है, वह 3 गुना फल देता है। इस योग में कोई भी कार्य किया जाता है तो उसका 3 गुना फल प्राप्त होता है। इस योग में शुभ मुहूर्त देखकर ही कोई कार्य करना चाहिए। अशुभ मुहूर्त में काम करेंगे तो अशुभता में भी 3 गुना वृद्धि हो जाती है। त्रिपुष्कर और द्विपुष्कर योग विषेश बहुमूल्य वस्तुओं की खरीददारी करने के लिए हैं। इन योगों में खरीदी गई वस्तु नाम अनुसार भविष्य में दिगुनी व तिगुनी हो जाती है।
त्रिपुष्कर योग में क्या करना चाहिए?
1. इस योग में सोना या किमती धातुओं ज्वेलरी खरीदना चाहिए।
2. इस योग में भूमी या भवन खरीदना भी शुभ होता है।
3. इस योग में पढ़ाई की किताबें खरीदकर पढ़ना या पूजा पाठ करना चाहिए।
4. व्यापार से जुड़े बड़े सौदे करने के लिए यह समय उचित होता है।
1. संपत्ति और वाहन खरीदना:
इस योग में नया घर, जमीन, गाड़ी, या अन्य संपत्ति खरीदना शुभ होता है।
2. नए व्यापार की शुरुआत:
नए व्यवसाय की शुरुआत करने से तिगुना लाभ मिलता है।
3. शादी और सगाई:
विवाह, सगाई, और मांगलिक कार्यों के लिए यह योग अत्यंत शुभ है।
4. शेयर बाजार और निवेश:
इस दिन निवेश करने से लाभ की संभावना तीन गुना बढ़ जाती है।
5. विद्या और शिक्षा:
शिक्षा से संबंधित कार्य, जैसे: नई किताबें खरीदना, कोर्स जॉइन करना आदि।
6.दान-पुण्य:
गरीबों, जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, और धन का दान करें।
7.मंत्र सिद्धि और साधना:
इस दिन कोई भी विशेष मंत्र या सिद्धि का अभ्यास करने से वह जल्दी सिद्ध होती है।
त्रिपुष्कर योग में किए जाने वाले विशेष उपाय
- भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा करें।
- पीपल वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं और 108 परिक्रमा करें।
- किसी गरीब को तिल, गुड़, और कंबल का दान करें।
- 11 बार 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
- गाय को हरा चारा खिलाएं।
- शिवलिंग पर जल और बिल्वपत्र चढ़ाएं।
- सोना, चांदी, और तांबे के बर्तन खरीदें।
- त्रिपुष्कर योग में न करें ये गलतियां
- किसी का अपमान न करें।
- झूठ न बोलें।
- नकारात्मक विचारों से दूर रहें।
- किसी का धन या वस्तु हड़पने का प्रयास न करें।
- क्रोध और अहंकार से बचें।
मंत्र जाप (Mantras for Tripushkar Yoga)
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः (108 बार जाप करें)
ॐ नमः शिवाय (108 बार जाप करें)
ॐ विष्णवे नमः (21 बार जाप करें)
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