
प्रमुख कालखंड और घटनाएं:
2026-27 (रौद्र):
यह समय भारी नरसंहार, युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं (भूकंप/ज्वालामुखी) का संकेत देता है।
2027-28 (दुर्मति):
लोग दुर्मति हो जाएंगे। युद्ध की आग भड़केगी। भारत का पाक से युद्ध होने की संभावना है। इस संवत्सर में मध्यम वर्षा होने का अनुमान रहता है।
2028-29 (दुन्दुभि):
लोगों की बुद्धि भ्रमित होगी। विनाशकारी तूफान आएंगे और समुद्र का जलस्तर बढ़ेगा। हालांकि अच्छी फसल होगी।
2029-31 (रूधिरोद्गारी व रक्ताक्षी):
रक्तपात और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच लोग शांति और धर्म की ओर लौटेंगे। विश्व के नक्शे बदलेंगे और भारत की सीमाओं में भी बदलाव होगा।
2031-33 (क्रोधन व क्षय):
जनता के बीच क्रोध, तनाव और आवेश में वृद्धि होगी तब युद्ध के दोषियों को सजा मिलेगी। जलवायु परिवर्तन और नए रोगों से चुनौतियां मिलेंगी, लेकिन भारत में शांति रहेगी।
2033 (प्रभव):
शुभ फलदायी, ज्ञान और समझदारी में वृद्धि होगी। कलयुग के प्रभाव का समापन होगा। भारत और रूस की शक्ति रहेगी।
2034 (विभव):
प्रजा में सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और कृषि में वृद्धि होगी। शास्त्रों के अनुसार, यहाँ से एक नए युग का प्रारंभ होगा, जिसमें भारत के नेतृत्व में वैश्विक शांति और प्रकृति संरक्षण पर कार्य होगा।
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