अक्षय तृतीया पर क्यों होता है अबूझ मुहूर्त? जानिए इसका रहस्य

A Hindu family prepares for worship on Akshaya Tritiya.

Akshaya Tritiya 2026, Abujh Muhurat: 20 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के दिन गृह प्रवेश कार्य करना, वाहन खरीदना, घर खरीदना, सोना खरीदना, विवाह करना आदि मांगलिक कार्य करना शुभ माना जाता है, क्योंकि इस दिन अबूझ मुहूर्त रहता है। चलिए जानते हैं कि क्या होता है यह अबूझ मुहूर्त।

 

क्या होता है अबूझ मुहूर्त?

हमारे सनातन धर्म में प्रत्येक कार्य को करने के लिए शुभ मुहूर्त की देखकर करने की परंपरा है। शास्त्रानुसार शुभ मुहूर्त में कार्य सम्पन्न करने से किए गए कार्य की सफलता में कोई संदेह नहीं रहता है लेकिन शास्त्रानुसार वर्ष में कुछ ऐसे अवसर भी आते हैं जब हमें शुभ मुहूर्त देखने की कोई आवश्यकता ही नहीं रह होती है, ऐसे मुहूर्तों को अबूझ मुहूर्त या स्वयंसिद्ध मुहूर्त कहा जाता है। शास्त्रों में ऐसे स्वयंसिद्ध मुहूर्त्तों की संख्या साढ़े तीन बताई गई है। 

 

1. चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा)

2. वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया)

3. आश्विन शुक्ल दशमी (विजय दशमी)

4. दीपावली के प्रदोष काल का आधा भाग।

 

भारत वर्ष में इनके अतिरिक्त लोकचार और देशाचार के अनुसार निम्नलिखित तिथियों को भी स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है: -

1. भड़ली नवमी (आषाढ़ शुक्ल नवमी)

2. देवप्रबोधनी एकादशी (कार्तिक शुक्ल एकादशी)

3. बसंत पंचमी (माघ शुक्ल पंचमी)

4. फुलेरा दूज (फाल्गुन शुक्ल द्वितीया)

 

इन मुहूर्तों में प्रथम व विशेष स्थान अक्षय तृतीया का है। यानी इस तिथि के दिन मुहूर्त देखे बगैर कार्य करते हैं क्योंकि पूरा दिन ही शुभ माना जाता है। इस दिन स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना गया है। अक्षय तृतीया (अखातीज) को अनंत-अक्षय-अक्षुण्ण फलदायक कहा जाता है। जो कभी क्षय नहीं होती उसे अक्षय कहते हैं।

 



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