South Direction Home Vastu Tips: घर की दक्षिण दिशा को इन 5 तरीकों से अशुभता से बचाएं

दक्षिण दिशा के लिए वास्तु दोष दूर करने संबंधी फोटो

South Direction in Home: वास्तु शास्त्र के अनुसार, दक्षिण दिशा को यमराज और मंगल की दिशा माना जाता है। यदि घर की दक्षिण दिशा ठीक से व्यवस्थित न हो, तो यह परिवार के सदस्यों की सेहत, करियर और धन संबंधी मामलों में बाधाएं ला सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि घर के दक्षिण कोने में वास्तु शास्त्र के अनुसार उपाय किए जाएं ताकि नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जा सके और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़े।ALSO READ: Tortoise Vastu: कौनसा कछुआ देगा शुभ फल तांबे या क्रिस्टल का? जानें अपनी मनोकामना के अनुसार सही कछुआ चुनने का तरीका

 

आज हम इस लेख में जानेंगे कि दक्षिण दिशा को अशुभता से बचाने के सरल और प्रभावी तरीके क्या हैं। इन उपायों में आप घर की सजावट, रंग, धातु की वस्तुएं, पूजा-पाठ और अग्नि तत्व का सही उपयोग कर सकते हैं।

 

1. भारीपन और ऊंचाई का नियम

2. मुख्य द्वार का उपचार

3. रंगों का सही चुनाव

4. मंगल के उपाय और पौधों का प्रयोग

5. पानी के जमाव और गड्ढों से बचें

 

यहां वेबदुनिया के प्रिय पाठकों के लिए 5 प्रभावी तरीके दिए गए हैं जिनसे आप दक्षिण दिशा की अशुभता को दूर कर सकते हैं:

 

1. भारीपन और ऊंचाई का नियम

दक्षिण दिशा को हमेशा उत्तर और पूर्व की तुलना में भारी और ऊंचा रखना चाहिए। इस दिशा में भारी अलमारियां, लोहे की तिजोरी या भारी फर्नीचर रखें। यदि संभव हो, तो दक्षिण की दीवार को अन्य दीवारों से थोड़ा ऊंचा उठाएं। यह घर की सकारात्मक ऊर्जा को बाहर जाने से रोकता है।

 

2. मुख्य द्वार का उपचार

यदि आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है विशेषकर दक्षिण-पश्चिम में), तो इसे अशुभ माना जाता है। द्वार पर पंचमुखी हनुमान जी का चित्र या 'सिद्ध सुदर्शन चक्र' लगाने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती।ALSO READ: Vastu Tips: क्या आपके पर्स में भी रहती है पैसों की किल्लत? आज ही रख लें ये एक छोटी सी चीज

 

समाधान: दरवाजे के ऊपर बाहर की तरफ हनुमान जी की बैठी हुई मुद्रा वाली तस्वीर लगाएं।

 

3. रंगों का सही चुनाव

दक्षिण दिशा अग्नि तत्व से जुड़ी है। यहां गलत रंगों का प्रयोग जीवन में संघर्ष बढ़ा सकता है। इस दिशा में लाल, नारंगी या गुलाबी रंगों का प्रयोग शुभ होता है।

 

क्या न करें: दक्षिण में नीला या काला रंग करवाने से बचें, क्योंकि यह जल का प्रतीक है और अग्नि-जल का मेल विवाद, झगड़ा, लड़ाई, मनमुटाव या गृह-क्लेश तथा कलह आदि पैदा करता है।

 

4. मंगल के उपाय और पौधों का प्रयोग

अशुभता कम करने के लिए प्रतीकात्मक बदलाव भी बहुत काम आते हैं। अत: दक्षिण दिशा के कोने में 'लेड पिरामिड' (Lead Pyramid) लगाने से वास्तु दोष काफी हद तक कम हो जाता है।

 

5. पानी के जमाव और गड्ढों से बचें

दक्षिण दिशा में पानी का स्रोत या गड्ढा होना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है। यहां बोरवेल, सेप्टिक टैंक या स्विमिंग पूल न बनवाएं। यदि यहां गड्ढा है, तो उसे तुरंत भरवा दें। इस दिशा में बाथरूम बनाना भी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

 

पौधे: यहां बड़े और घने पत्ते वाले पौधे (जैसे मनी प्लांट का बड़ा रूप या रबर प्लांट) रखें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।

 

विशेष टिप: दक्षिण दिशा की दीवार पर कभी भी दर्पण (शीशा) न लगाएं। दर्पण ऊर्जा को परावर्तित करता है, जिससे दक्षिण की नकारात्मकता पूरे घर में फैल सकती है।

 

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