
Home Vastu Rule: भारतीय परंपरा में वास्तु शास्त्र को जीवन और स्थान की ऊर्जा को संतुलित करने का विज्ञान माना गया है। माना जाता है कि यदि घर या कार्यस्थल वास्तु नियमों के अनुसार बनाया और व्यवस्थित किया जाए, तो वहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सफलता बनी रहती है। वहीं, गलत दिशा या असंतुलित ऊर्जा से घर में तनाव, आर्थिक समस्याएं और मानसिक अशांति उत्पन्न हो सकती है।ALSO READ: Vastu Tips for Plantation: सही दिशा में लगाया गया पौधा बदल सकता है आपकी किस्मत
इसलिए वास्तु नियमों का पालन घर के वातावरण को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यहां जानिए वास्तु शास्त्र के महत्वपूर्ण नियम, घर का सही माहौल बनाने के उपाय और सुख-समृद्धि बढ़ाने के सरल वास्तु टिप्स, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं।
यहां वास्तु के ऐसे 10 अचूक नियम दिए गए हैं, जो आपके घर का माहौल पूरी तरह बदल सकते हैं:
1. ईशान कोण को रखें खाली
घर का उत्तर-पूर्वी कोना ईश्वर का स्थान माना जाता है। इस कोने को हमेशा बिल्कुल साफ, हल्का और खुला रखें। यहां कभी भी भारी अलमारी, कबाड़ या जूता-चप्पल का रैक न रखें। इस दिशा में मंदिर बनाना सबसे उत्तम होता है।
2. पूजा घर के नियम
घर में सुख-शांति के लिए पूजा घर का सही होना बहुत जरूरी है। मंदिर में कभी भी एक ही देवी-देवता की आमने-सामने दो तस्वीरें न रखें। मृत परिजनों की तस्वीरें पूजा घर में रखने की बजाय घर की दक्षिण दिशा में लगाएं।
3. मुख्य द्वारपर मांगलिक चिन्ह
घर का मुख्य द्वार खुशियों और लक्ष्मी के प्रवेश का रास्ता है। इसे हमेशा साफ-सुथरा रखें। मुख्य द्वार पर सिंदूर से स्वास्तिक, ॐ या शुभ-लाभ का चिन्ह बनाएं। इसके अलावा, प्रवेश द्वार पर बंदनवार (तोरण) लगाना भी बेहद शुभ माना जाता है।
4. रसोई घर की सही दिशा
रसोई घर में अग्नि का वास होता है, जो सेहत और समृद्धि से जुड़ा है। वास्तु के अनुसार, रसोई हमेशा अग्नि कोण (South-East) में होनी चाहिए। खाना बनाते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। ध्यान रखें कि सिंक (पानी) और चूल्हा (आग) कभी भी एक सीध में या बिल्कुल पास-पास न हों।ALSO READ: Vastu Tips: घर से वास्तु दोष मिटाने के 3 आसान उपाय, सुख-समृद्धि से भर जाएगा जीवन
5. तिजोरी और धन रखने का स्थान
यदि आप चाहते हैं कि घर में धन टिके और बरकत हो, तो अलमारी या तिजोरी को घर के दक्षिण या पश्चिम कोने में इस तरह रखें कि उसका मुख खुलते समय उत्तर दिशा की ओर हो। उत्तर दिशा को कुबेर की दिशा माना जाता है।
6. दर्पण लगाने की सही जगह
गलत दिशा में लगा शीशा घर में नकारात्मकता और बीमारियां बढ़ा सकता है। दर्पण को हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दीवार पर लगाएं। ध्यान रखें कि बेडरूम में शीशा इस तरह न लगा हो जिसमें सोते समय आपका शरीर दिखाई दे, इससे स्वास्थ्य खराब होता है।
7. शाम के समय कपूर का धुआं और रोशनी
शाम के वक्त (सूर्यास्त के समय) घर के सभी कमरों की लाइटें कुछ देर के लिए जरूर जलाएं, विशेषकर मुख्य द्वार और पूजा घर में। इस समय घर में कपूर या लोबान का धुआं करने से दिनभर की एकत्रित हुई नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है और लक्ष्मी का आगमन होता है।
8. सोते समय सिर की दिशा
अक्सर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते, लेकिन गलत दिशा में सोने से मानसिक तनाव और अनिद्रा की समस्या होती है। सोते समय आपका सिर हमेशा दक्षिण या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। उत्तर दिशा की तरफ सिर करके कभी न सोएं।
9. बाथरूम के दरवाजे रखें बंद
बाथरूम और टॉयलेट में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव सबसे ज्यादा होता है। इसलिए इस्तेमाल के बाद हमेशा बाथरूम का दरवाजा बंद रखें। बाथरूम के अंदर एक कांच की कटोरी में सेंधा नमक भरकर रखने से वहां की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट हो जाती है।
10. बंद घड़ियां और टूटी चीजें हटाना
वास्तु में बंद घड़ी को दुर्भाग्य का सूचक माना जाता है। यदि घर में कोई घड़ी बंद पड़ी है या खराब है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं या हटा दें। इसी तरह टूटे हुए बर्तन, चटका हुआ कांच और बंद पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान घर में आर्थिक तंगी लाते हैं।
विशेष टिप: घर में पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा समुद्री नमक (खड़ा नमक) मिलाना शुरू करें। यह एक छोटा सा बदलाव घर के कलह-कलेश को शांत कर खुशहाली का माहौल बनाता है।ALSO READ: Flat Vastu Tips: फ्लैट में रह रहे लोगों के लिए वास्तु के 5 टिप्स
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