गुरु का अश्लेषा नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश, 3 राशियों की चमकेगी किस्मत, कर लें ये 3 उपाय

jupiter transit in ashlesha nakshatra 2026

20 सितंबर 2026 को गुरु ग्रह का अश्लेषा नक्षत्र के तीसरे पद में होगा गोचर। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का अश्लेषा नक्षत्र के तीसरे चरण में प्रवेश एक अत्यंत महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना माना जाता है। कर्क राशि (कर्क राशि में गुरु उच्च के होते हैं) और बुध के स्वामित्व वाले अश्लेषा नक्षत्र का यह चरण ज्ञान, मानसिक स्पष्टता और आर्थिक प्रगति का सुंदर संयोग बनाता है।

ALSO READ: कर्क के गुरु और कुंभ के राहु का षडाष्टक योग: इन 5 राशियों के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक का समय रहेगा चमत्कारिक

इन 3 राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगा यह गोचर

कर्क राशि (Cancer): गुरु का यह गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है, जिससे समाज में पद-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त सुधार होगा।

 

वृश्चिक राशि (Scorpio): भाग्य का पूरा सहयोग मिलेगा। धर्म-कर्म और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नौकरीपेशा और व्यापारियों के लिए धन लाभ और तरक्की के नए मार्ग खुलेंगे।

 

मीन राशि (Pisces): गुरु आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए अश्लेषा के इस चरण में प्रवेश आपके संतान, शिक्षा और निवेश के क्षेत्र में बड़ी सफलता दिलाएगा। आय के अतिरिक्त स्रोत बन सकते हैं।

ALSO READ: मंगल का नीच राशि में गोचर 2026: इन 6 राशियों के लिए बदल सकता है समय, जानें राशिफल और प्रभाव

शुभ फल पाने और गुरु को मजबूत करने के 3 उपाय

केसर या हल्दी का तिलक: प्रतिदिन प्रातः स्नान के बाद अपने माथे और नाभि पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं। इससे गुरु ग्रह के शुभ प्रभाव में वृद्धि होती है और मानसिक शांति मिलती है।

 

पीली वस्तुओं का दान: गुरुवार के दिन किसी मंदिर या जरूरतमंद को चने की दाल, हल्दी, पीले वस्त्र या केले का दान करें।

 

गुरु मंत्र का जाप: प्रतिदिन या विशेष रूप से गुरुवार को "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें। पीपल या केले के वृक्ष में जल चढ़ाना भी अत्यंत फलदायी रहेगा।

ALSO READ: सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 के बीच 5 राशियों को होगा बड़ा फायदे




from ज्योतिष https://ift.tt/g0yWaQ6
Previous
Next Post »